Home » सत्ता के गलियारों से

बिहार दिवस के कार्यक्रम से लालू क्यों हुए दूर?

Share 0 Link
बिहार दिवस के कार्यक्रम से लालू क्यों हुए दूर?
पटना में बिहार दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम का जबरदस्त आगाज किया, लेकिन कार्यक्रम में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार के किसी सदस्य के शामिल न होने से चर्चाओं का बाजार गर्म रहा.

महागठबंधन में आपसी खीचतान को लेकर अक्सर खबरे उड़ती रहती हैं, लेकिन बिहार दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव नही आये तो चर्चा होना लाजमी है. तेजस्वी यादव ने कार्यक्रम शुरू होने से पहले बिहार दिवस के अवसर बधाई का ट्वीट भी किया था फिर न जाने क्या हुआ कि वो नही आए और यही सवाल सबके जेहन में था.

बिहार के 105 वें स्थापना दिवस के अवसर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी सरकारी कालेजों में फ्री वाई फाई सेवा देने की योजना की शुरूआत की और कहा कि छात्र इंटरनेट के माध्यम से सूचना प्राप्त कर सकते हैं. नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि हम सबका विकास चाहते है चाहे वह जनरल कैटेगरी का क्यों न हो, लेकिन कुछ लोग गलतफहमी पैदा करते है. उन्होंने कहा, 'अरे मिलजुल कर विकास कीजिए गलतफहमी पैदा करने से कोई लाभ नही है हमने युनिवर्सल योजनाएं बनाई हैं, ताकि सबका विकास हो सके. '

इस बार के बिहार दिवस का थीम है-नशाबंदी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव श्रृंखला बनाकर चार करोड़ लोगों ने शराबबंदी के पक्ष में एकजुटता दिखाई है. अब हमें नशाबंदी कि तरफ बढ़ना है जो गांधी का सपना था. महात्मा गांधी के चम्पारण यात्रा के 100वें वर्ष पर भव्य आयोजन किया जा रहा है जिसमें राष्ट्रपति भी शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2009 से बिहार दिवस का आयोजन शुरू किया तब से यह हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है. यह एक बडा आयोजन है जिसमें नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सभी सदस्य शामिल होते रहे हैं. पर इस साल आरजेडी के सिर्फ दो मंत्री ही इस आयोजन में शामिल हुए और जल्दी ही चले गए. ऐसे में महागठबंधन की सरकार में दरार की चर्चा स्वाभाविक तौर पर होने लगी. बीजेपी को तो जैसे मौका मिल गया.

बीजेपी के विधायक विनय बिहारी ने कहा कि उन्हें भी अजीब लग रहा है कि लालू जी के परिवार के एक भी सदस्य इसमें शामिल नही हुए. उन्होंने कहा, 'आरजेडी का कोई बड़ा नेता नही आया. महागठबंधन में कुछ हो रहा है क्या? यहां जिस प्रकार का वातावरण दिख रहा है उससे अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है कि महागठबंधन ठीक नही चल रहा है.' उन्होंने इस कार्यक्रम में एक भी बिहारी कलाकार को मौका नही दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बिहार के कलाकारों का अपमान है.

महागठबंधन में शामिल कांग्रेस कोटे के मंत्री अवधेश कुमार सिंह का कहना है कि महागठबंधन एकजुट है इसमें कोई दरार नही है, हां उन्हें आना चाहिए था, हो सकता है कोई निजी काम रहा हो. उन्होंने कहा कि बिहार दिवस का श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. सबको निमंत्रण भी दिया गया था कि उपमुख्यमंत्री को कैसे नही बुलाया जाएगा. कांग्रेस के ही मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि मैने खुद उन्हें निमंत्रण दिया था.

वही आरजेडी के प्रवक्ता डा. अशोक सिन्हा ने कहा, 'लालू जी तेजप्रताप और तेजस्वी जी के अपने क्षेत्र में कुछ कार्यक्रम थे, अल्पसंख्यकों का धार्मिक उर्स का कार्यक्रम था. उसी में ये लोग शामिल होने गए हैं. इसका कोई और मतलब न निकाला जाए.' जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन भी बचाव में दिखे और कहा कि बिहार दिवस के अवसर पर तीनों दलों के नेता शामिल है इस प्रकार की बात उठाना ठीक नही है.

पर बात तो उठने लगी है. सूत्रों के मुताबिक लालू प्रसाद यादव एक श्राद्ध में हिस्सा लेने वैशाली गए थे, जबकि कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री लगातार टूवीट कर रहे थे और उनके निशाने पर थे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी. तीन दिन तक चलने वाले इस बिहार दिवस का समापन 24 मार्च को होगा.

  •  Ruchir Sharma | Quint Hindi
    Ruchir Sharma | Quint Hindi
  • Shushmita DevAt the India Today Women's Summit
    Shushmita DevAt the India Today Women's Summit