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नेताओं की बेलगाम जुमलेबाजी बटोरती रही जनता की सुर्खियां

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नेताओं की बेलगाम जुमलेबाजी बटोरती रही जनता की सुर्खियां
निर्वाचन आयोग की सख्त हिदायतों के बाद भी चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्तिगत हमले खूब किए गए। भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों से साथ साथ गुजरात के गधों व यूपी की भैंसें बहस का जरिया बनीं। जर्जर सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे मसलों पर बातें कम ही हुईं। बदजुबानी की होड़ मीडिया में सुर्खियां भी बटोरती रही। विवादित बोल के महारथी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की पार्टी से कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं था परंतु सपा कांग्रेस गठबंधन के प्रचार में उन्होंने भी मर्यादाओं को तार-तार किया। रायबरेली की जनसभा में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तुलना करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की। गैंडा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर लालू यादव की भत्र्सना भी हुई। भाजपा के नेताओं ने भी अलगावी भाषण देने में कमी नहीं की। योगी आदित्यनाथ, विनय कटियार, साक्षी महाराज से लेकर मुजफ्फरनगर दंगा के आरोपी सुरेश राणा जैसों के विवादित बोलों से माहौल बिगडऩे का वातावरण भी बना। चुनावी नैया पार लगाने के लिए जातियों की गोलबंदी करने व धार्मिक मोड़ देने को श्मशान, कब्रिस्तान और त्यौहारों पर बिजली आपूर्ति में भेदभाव जैसे जुमले भी उछाले गए।

गधे से लेकर चूहे तक : चुनाव प्रचार में जानवरों का भले ही कुछ लेना देना न रहा हो परंतु गधा, चूहा, गैंडा और भैंस आदि के जरिए विरोधियों पर खूब वार किए गए। मुख्यमंत्री अखिलेश ने गुजरात के गधों का मुद्दा उछाला तो पलटवार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको बैकफुट पर आने का बाध्य कर दिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए मेक इन इंडिया के बब्बर शेर की आवाज को टीवी के चूहे जैसी बताया। आजम खां की भैंसों का चोरी जाने पर पुलिस की बेचैनी व किसानों के पशुओं का बूचड़खानों में कत्ल होने जैसे मु्द्दों को खूब उछाला गया।

गब्बर सिंह से बाहुबली तक : भाषणों में फिल्मी डायलागों का भी बखूबी इस्तेमाल किया गया। फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे से लेकर डान, रईस, बादशाह और शोले जैसी फिल्मों को भी याद किया गया। रायबरेली में चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को फिल्मों का उदाहरण देते हुए बताया। उनका कहना था कि मोदी राज की शुरुआत 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म की तरह जरूर हुई परंतु ढाई साल बीतते ही नतीजा शोले फिल्म वाले गब्बर सिंह जैसा दिखने लगा। उधर प्रधानमंत्री ने भी मऊ रैली में बाहुबली फिल्म का जिक्र करते हुए पूछा कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? मुख्यमंत्री की पत्नी और सपा की स्टार प्रचारक डिंपल यादव ने भी मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है...कह कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर खुद को यूपी को गोद लिया बेटा बताने पर तंज कसा।

रिश्तों पर कटाक्ष : इंसानी रिश्तों को लेकर भी एक दूजे पर कटाक्ष किए गए। मुख्यमंत्री अखिलेश जहां बसपा प्रमुख को बुआ कह कर उनकी आलोचना की तो मायावती ने भी बबुआ कहते हुए माकूल जवाब दिया। बसपा अध्यक्ष ने चाचा भतीजे और बाप बेटे के रिश्तों की कडुवाहट को भी सभाओं में खूब उछाला। राष्ट्रीय जनता दल मुखिया लालू यादव ने प्रधानमंत्री मोदी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समानता कर डाली। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को कोई दवा खिलाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग भी कर डाली। मुख्यमंत्री अखिलेश भी पैसे किसी ओर से लेने और वोट सपा को देने की बात बोल कर विवाद में उलझे।
  •  Ruchir Sharma | Quint Hindi
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  • Shushmita DevAt the India Today Women's Summit
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